Sunday, 19 July 2020

kin cheezon se wazu toot jata hai

वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है

वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
Wazu todne wali cheezen

मसअला :- (1) पेशाब , पाखाने और पेट की हवा निकलने से वुजू टूट जाता है । अगर आगे ( पेशाब करने की हिस्सा) से कोई कीड़ा जैसे केंचुआ कंकरी वगैरा निकले तब भी वुजू टूट जाता है।
मसअलह :- (2) अगर किसी के ज़ख्म में से कोई कीड़ा निकले , या कान या जख्म में से गोश्त का कोई हिस्सा कट कर गिरा, मगर खून नहीं निकला तो इससे वुजू नहीं टूटता ।
मसअलह :- (3)  अगर किसी ने इंजेक्शन से खून निकलवाया। या नाक से खून गिरा या चोट लगी और खून व पीप निकले तो वुजू टूट गया । लेकिन अगर खून पीप ज़ख्म के मुंह पर ही दिखाई दे और आगे न बढ़े तो वुजू ठीक रहा । अगर किसी के सूई चुभ गई और उस जगह से खून निकला मगर बहा नहीं तो वुजू नहीं टूटा लेकिन अगर थोड़ा सा भी अपनी जगह से यह बढ़ा तो वुजू टूट गया ।
वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
Blood from a vein
वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
खून निकला बहा नहीं

मसअलह :- (4) अगर किसी ने अपनी नाक में उंगली डाली और उसे बाहर निकालने पर उंगली में खून का धब्बा मालूम हुआ लेकिन वह खून बस इतना ही है कि उंगली में थोड़ा सा लगा , बहा नहीं तो वुजू नहीं टूटा ।
मसअलह :- (5) किसी की आंख के अन्दर कोई दाना फूट गया और उस का पानी या पीप आंख में फैल गया , मगर बाहर नहीं निकल सका तो वुजू नहीं टूटा । लेकिन अगर आंख से बाहर पानी या पीप निकल पड़ा तो वुजू टूट गया । इसी तरह अगर कान के अन्दर कोई दाना है और वह फट गया तो जब तक खून या पीप उस जगह तक सूराख़ के अन्दर रहे जहां नहाते वक्त पानी पहुंचाना फर्ज नहीं है , तब तक वुजू नहीं टूटता । लेकिन अगर खून पीप बह कर ऐसी जगह आ जाये जहां पानी पहुंचाना फर्ज है तो वुजू टूट जाएगा ।
वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है

मसअलह :- (6) अगर किसी ने अपने फोड़े या छाले के ऊपर का छिलका नोच डाला और उसके नीचे खून या पीप दिखाई देने लगा लेकिन किसी तरफ निकल कर बह न सका, तो वुजू ठीक रहा । लेकिन बह पड़ा तो वुजू टूट जाएगा ।
मसअलह :- (7) किसी के फोड़े में बड़ा गहरा घाव हो गया तो जब तक खून व पीप ज़ख्म के सुराख के अन्दर ही अन्दर रहे , बाहर निकल कर बदन पर न आए तो वुजू नहीं टूटता ।
मअलह :- (8) अगर फोड़े फुन्सी का खून अपने आप नहीं निकला बल्कि उसे दबा कर निकाला गया और बहने लगा तब वुजू टूट जाएगा ।
मसअलह :- (9) किसी के घाव से थोड़ा थोड़ा पीप और खून निकलने लगा और उसने उसे कपड़े से साफ कर लिया । थोड़ी देर बाद फिर निकला और फिर उसने साफ कर लिया । इस तरह कई बार ऐसा हुआ तो दिल में सोचे कि अगर ऐसा मालूम हो कि साफ न किया जाता तो बह पड़ता तब वुजू टूट जाएगा , लेकिन अगर ऐसा मालूम हो कि साफ न किया जाता तब भी न बहता तो वुजू न टूटेगा ।
मसअलह :- (10) अगर किसी के थूक में खून मालूम हुआ और थूक सफेद या पीले रंग का है तो वुजू नहीं टूटा । लेकिन अगर थूक में खून ज़्यादा निकला और उसकी रंगत सुर्ख यानि लाल है तो वुजू टूट गया ।
मसअलह :- (11) अगर दांत से कोई चीज़ काटने पर खून का धब्बा मालूम हुआ या दांत या दाढ़ कुरेदा और ख़िलाल किया (जो गोश्त या कोई ऐसी चीज़ खाते वक़्त दाँतों में फँस जाती है उस को पतली तिंका वग़ैरा से निकाल को खिलाल कहते हैं) उस में सुखी दिखाई दी लेकिन थूक में खून का रंग बिल्कुल भी मालूम नहीं हुआ तो वुजू नहीं टूटता ।
मसअलह :- (12) मच्छर या खटमल के खून पी लेने से वुजू नहीं टूटता ।

वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
Mosquito (मच्छर)
वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
Bedbugs (खटमल)
मसअलह :- (13) अगर किसी के कान में दर्द होता है और पानी निकलता है तो यह पानी नजिस ( नापाक ) है । उसके निकलने से वुजू टूट जाएगा | जब पानी कान के सुराख़ में से निकल कर उस जगह खून आ जाए जिस का नहाते वक़्त धोना फ़र्ज़ है या आँखें दुखती या खटकती हैं तब भी पानी या आंसू बहने से वुज़ू टूट जाता है | लेकिन अगर आँखें न दुखें और न उस में कुछ खटक हो तो आंसू निकलने से वुज़ू नहीं टूटता |
मसअलह :- (14) अगर औरत की छाती से पानी निकलता है और दर्द भी होता है तो वह भी नापाक है , उससे वुजू जाता रहेगा ।
मसअलह :- (15) अगर कय ( मतली ) हुई और उसमें खाना या पानी या पित्त ( कड़वा पदार्थ ) निकला तो अगर मुंह भर के कय हुई तो वुजू टूट गया । अगर मुंह भर कय नहीं हुई तो वुजू नहीं टूटा । मुंह भरकर मतली होने का यह मतलब है कि पेट की गंदगी मुश्किल से मुंह में रुके । अगर मतली में निरा बल्गम निकला तो वुजू नहीं गया, चाहे वह कितना ही हो । अगर मतली में खून निकले और वह पतला हो और बहता हुआ हो तो वुजू टूट जाएगा । अगर जमा हुआ टुकड़ा गिरे और मुंह भर कर हो तो भी वुजू टूट जाएगा लेकिन अगर कम हो तो न टूटेगा ।
मसअलह :- (16) अगर थोड़ी थोड़ी मतली कई बार हो लेकिन कुल मिलाकर इतनी हो कि अगर एक बार होती तो मुंह भर जाता तो अगर एक ही मतली बराबर बाकी रही तो वुजू टूट गया । और अगर एक ही मतली बराबर नहीं रही तो वुजू नहीं टूटता ।
मसअलह :- (17) अगर किसी की लेटे लेटे आंख लग गई या किसी चीज़ से टेक लगाकर बैठे बैठे नींद आ गई, और गफलत हो गई कि अगर वह टेक न होती तो गिर पड़ता तो वुजू जाता रहा और अगर नमाज में बैठे बैठे या खड़े खड़े सो गया तो वुजू नहीं गया , अगर सज्दे में सो जाए तो वुजू टूट जाएगा
मसअलह :- (18) अगर कोई नमाज से बाहर बैठे - बैठे सोए और अपना चूतड़ एडी से दबा ले लेकिन दीवार या किसी चीज़ से टेक न लगाए तो वुजू नहीं टूटता ।
मसअलह :- (19) बैठे बैठे नींद का ऐसा झोंका आया कि गिर पड़ा तो अगर गिर कर उसी वक़्त आँख खुल गई तो वुज़ू नहीं गया | लेकिन गिरने के थोड़ी देर बाद आँख खुली तो वुज़ू जाता रहा । अगर बैठा बैठा झूमता रहा, गिरा नहीं, तब भी वुज़ू नहीं गया ।
मसअलह :- (20) अगर बेहोशी हो गई या जुनून ( पागलपन ) से अक्ल ( बुद्धि , मति ) जाती रही तो वुजू टूट गया , चाहे बेहोशी और जुनून थोड़ी ही देर रहे । ऐसे ही अगर तम्बाकू या कोई नशीली चीज़ खा ली और इतना नशा हो गया कि अच्छी तरह चला नहीं गया और कदम कदम पर इधर उधर भटका व डगमगाया तब भी वुजू जाता रहा ।
मसअलह :- (21) अगर नमाज़ में इतने ज़ोर से हंसी निकली कि खुद उसने और आस पास वालों ने भी सुन ली , उससे भी वुजू टूट गया और नमाज़ भी टूट गई लेकिन अगर ऐसा हो कि हँसी की आवाज़ खुद सुन ले , पास वाले सब न सुन सकें , मगर बहुत ही पास वाला कोई सुन ले तो नमाज़ टूट जाएगी वुजू नहीं टूटेगा । अगर हँसी में दांत खुले , आवाज़ न निकली तो न वुजू टूटा और न नमाज़ ही गई ।
मसअलह :- (22) हाथ लगाने या ख्याल करने से आगे की जगह ( लिंग ) से पानी आ जाए तो वुजू टूट जाता है । उस पानी को ' वदी ' कहते हैं ।
मसअलह :- (23) अगर बीमारी की वजह से आगे की तरफ से जो लेसदार पानी आता है , नापाक है तो उसके निकलने से वुजू टूट जाता है ।
मसअलह :- (24) पेशाब या ' वदी ' का कतरा सुराख़ से बाहर निकला , लेकिन अभी ऊपर वाली खाल में ही है , तब भी वुजू नहीं गया ।
मसअला :- (25) मर्द की पेशाब की जगह यानि ( लिंग ) से जब औरत की पेशाब की जगह मिल जाए और कोई कपड़ा आड़ में न हो तो वुज़ू टूट जाता है । ऐसे ही अगर दो औरतें आपस में अपनी शर्मगाहें मिलायें तब भी वुजू टूट जाता है ।
मसलह :- (26) मनी ( वीर्य ) अगर बगैर शहवत ( उत्तेजना ) खारिज हो तो वुजू टूट जाएगा । जैसे किसी ऊंची जगह से गिरे और मनी निकल पड़े ।
मसअलह :- (27) वुजू के बाद नाखुन कटाए या घाव के ऊपर की खाल नोच डाली तो वुजू नहीं टूटा ।
वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
Cutting nails

मसअलह :- (28) वुजू के बाद किसी का सतर यानि मर्द को नाफ़ से घुटनों तक जिस का छुपाना फ़र्ज़ है देख लिया, या अपना सतर खुल गया या नंगे होकर नहाया और नंगे ही नंगे वुजू किया तो उसका वुजू ठीक है , दोबारा वुजू करने की ज़रूरत नहीं
मसअलह :- (29) जिस चीज के निकलने से वुजू टूट जाता है , वह नापाक होती है और जिससे वुजू नहीं टूटता वह नापाक नहीं । तो अगर ज़रा सा खून निकला कि जख्म के मुंह से बहा नहीं या ज़रा सी मतली हुई , मुंह भरकर नहीं हुई तो यह खून और मतली नापाक नहीं है अगर यह कपड़े या बदन में लग जाए तो इसका धोना वाजिब नहीं लेकिन अगर मुंह भर कर मतली हुई या खून घाव से बह गया तो वह नापाक है । उसका धोना वाजिब है अगर इतनी मतली करके कटोरे या लोटे को मुंह लगा कर कुल्ली के लिए पानी लिया तो वह बर्तन नापाक हो जाएगा , इसलिए चुल्लू से पानी लेना चाहिए ।
मसअलह :- (30) छोटा लड़का जो दूध पीता है उसके लिए भी यह हुक्म है । अगर मुंह भरकर न हो तो वह नापाक नहीं हैं , मगर जब मुंह भरकर हो तो नापाक है । अगर औरत उसके धोए बगैर नमाज़ पढ़े तो नमाज़ नहीं होगी ।
मसअलह :- (31) अगर वुजू करना याद है , लेकिन वुजू टूटना अच्छी तरह याद नहीं तो वुजू बाकी समझा जाएगा । इससे नमाज़ ठीक है , लेकिन दोबारा वुजू कर लेना अच्छा है ।
मअलह :- (32) किसी को वुजू करने में शक हुआ है कि कोई हिस्सा धोया या नहीं तो वह हिस्सा फिर धो लेना चाहिए । अगर वुजू कर चुकने के बाद शक हुआ तो कुछ परवाह न करे, वुजू हो गया । लेकिन अगर यह यकीन हो जाए कि कोई चीज़ धुलने से रह गई तो वज़ू नहीं है, उसे करले ।
मसअलह :- (33) जनाज़े की नमाज़ और तिलावत ( कुरआन शरीफ पढ़ना) के सज्दे में कहकहा लगाकर हंसने से वुजू नहीं जाता - चाहे बालिग हो या नाबालिग ।
वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
Janaze ki namaz
वजू किन-किन चीजों से टूट जाता है
Tilawat e quran

मसअलह :- (34) बिना वुजू किए कुरआन मजीद का छूना ठीक नहीं है । हां अगर ऐसे कपड़े से छूए जो बदन से अलग है तो ठीक है । कुरते के दामन से जब कि उसे पहने हुए हो छूना ठीक नहीं । अगर कलाम मजीद खुला हुआ रखा है और उसे देख देख कर पढ़ा मगर हाथ न लगाया तो यह भी ठीक है । इसी तरह बगैर वुजू ऐसे तावीज़ और तश्तरी का छूना भी ठीक नहीं है , जिसमें कुरआन की आयतें लिखी हों ।

नौट : अगर पोस्ट अच्छा लगे तो अपने फेस्बुक वॉटसप टियूटर इंस्टाग्राम पर शेयर ज़रूर करें

No comments:

Post a comment