Tuesday, 17 March 2020

मैदान ए हशर में एक नेकी की तलाश

मैदान ए हशर में एक नेकी की तलाश

interesting articles in Hindi
Arafat

एक रिवायत में है कि एक शख्स होगा जिस की नेकियाँ और बुराइयाँ बराबर होंगी हुक्म में होगा रिहाई चाहते हो तो जिस तरह से हो सके नेकियों का पल्ला भारी करो- एक नेकी भी और हो तो पल्ला भारी हो सकता है वह बेचारा अहल ए महशर से अपने शना साओं से और अइज़्ज़ा और और अकारिब (दोस्त साथी) से और जिस से भी हो सकेगा सवाल करेगा लेकिन कहीं से भी सेवाए नफी (परेशान) के जवाब न मिलेगा क्योंकि हर शख्स को अपनी अपनी पड़ी होगी- हर शख्स को ख्याल हो सकता है कि शायद हमारे हिसाब में भी एक नेकी की कमी आ जावे और इस की बदौलत हम अटके पड़े हैं- गर्ज़ कोई न देगा- लेकिन एक शख्स ऐसा होगा जिस की पास बुराइयाँ ही बुराइयाँ होंगी और नेकी सिर्फ एक होगी वह कहेगा कि भाई जब तू इतनी नेकियाँ करके सिर्फ एक नेकी की कमी की वजह से जन्नत में न जा सका, रोक दिया गया तो मेरे पास तो सिर्फ एक नेकी के सब बदियाँ (बुराइयाँ) हैं मैं तो जहन्नम में ज़रूर जाऊंगा- क्योंकि एक नेकी मेरी इतनी बुराइयों का कहाँ तक मुक़ाबला करेगी इस लिए मुझे तो बेकार ही है, ले तू ही लेजा,
Interesting articles in Hindi
Maidan e Arafat

मेरा ही न सही तेरा ही काम बन जाए- बस इस एक नेकी से हसनात (अच्छे काम) का ग़लबा हो जाएगा- अब रहमत ए इलाही देखिये कि उस शख्स को बुलाया जाएगा- जिस ने यह नेकी दी थी और उसी से सवाल होगा तुम अपनी नेकी दूसरों को क्यों देदी- अब तुम्हारे पास तो सिर्फ गुनाहों के कुछ न रहा- वह कहेगा इलाही! मैं ने यह देख कर कि एक शख्स के पास हज़ारों नेकियाँ थीं मगर एक कमी से वह जन्नत में न जा सका यह समझ लिया कि मेरे पास तो एक ही नेकी है क़ानून के मुताबिक मेरी मग़फिरत नहीं हो सकती इस लिए मैं ने दूसरों को अपनी नेकी देदी कि वह तो बख्श दिया जाए हुक्म होगा हम ने तुझ को भी बख्शा, उस को क़ानून से और तुझ को फ़ज़ल से बख्शा तूने इस शख्स पर रहम किया हम ने तुझ पर रहम किया- नेकी की क़दर वहाँ होगी-
फायदा:- नेकी की क़दर क़यामत में होगी, हदिस में है कि लोग एक एक नेकी के बदले अटक जाएंगे और निजात न हो सकेगी-

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