Tuesday, 3 March 2020

जितने मुँह उतने बातें interesting article

जितने मुँह उतनी बातें

Donkey and father son story

किसी शख्स के पास एक गधा था- एक दिन वह उसे बेचने चला गधा को ले कर घर से रवाना हुआ तो उसका बेटा भी साथ हो लिया- वह दोनों गधे को लिए जा रहे थे कि एक कूंएं पर औरतें पानी भर रही थीं- बाप बेटे को गधे के साथ पैदल चलते देखा तो हंसने लगीं कि यह दोनों कितने अहमक़ (बेवक़ूफ़) हैं कि सवारी पास है और पैदल चले जा रहे हैं-
यह बात बाप ने सुन ली और अपने बेटी से कहा कि तू बैठ जा गधे पर मैं पैदल चलता हूँ- एयर बेटा गधे पर सवार हो गया- अभी वह थोड़ी दूर गए थे कि उन को कुछ दानिशवर मिले- जब उन पर नज़र पड़ी तो एक ने कहा कि देखो जी! कैसा ज़माना आ गया है- जवान बेटा सवारी पर बैठा है और बूढ़ा बाप पैदल चल रहा है- यह बात बेटी ने सुनी तो गधे से नीचे उतर आया और इसरार कर के बाप को इस पर सवार कर दिया- और चलते गए-
अभी वह थोड़ी दूर गए थे कि उन्हें जवान लड़कों की एक टोली मिली उन में से एक कहने लगा- देखो! यह बूढ़ा संगदिल है- खुद तो सवारी पर बैठा है और बेटे को पैदल चला रहा है-
यह सुना तो बाप ने बेटे को गधे पर सवार कर लिया- और अभी वह थोड़ी दूर ही गए थे कि राह चलते उन को कुछ आदमी मिले- एक शख्स ने बूढ़े से कहा-
,,मियाँ! क्या यह गधा तुम्हारा ही है- हमें तो यकीन नहीं आ रहा है वह मर रहा है और तुम को परवाह नहीं है दो आदमी ऐसे दुबले पतले गधे पर सवार हो हम ने आज ही देखा है,,-
यह सुना तो बाप बेटा दोनों पैदल चलने लगे- बाप ने कहा- जितने मुँह उतनी बातें- हर एक को दुनिया में कोई खुश नहीं रख सकता-

नोट : अगर आर्टिकल अच्छा लगा तो शेयर जरुर करें अपने Facebook WhatsApp Twitter Instagram पर

No comments:

Post a comment