Monday, 25 November 2019

नौरवे में कुर्आन जलाने पर उमर इलयास के जज़बात

*काफिर है तो शमशीर पे करता है भरोसा*

*मोमिन है तो बेतेग़ भी लड़ता है सिपाही!!*

Norway mein Qur'an jalane par umar ilyas ke jazbat


मर्द मुजाहिद ग़ाज़ी उमर इलयास जिसने "नार्वे" में एक ईसाई द्वारा हज़ारों लोगों के सामने "क़ुरआन" जलाने की कोशिश करने पर मलऊन ईसाई पर ह़मला कर दिया.."नार्वे" पुलिस ने इलयास को गिरफ्तार कर लिया है..


 विडियो में उस मर्द मुजाहिद इलियास गाज़ी ए इस्लाम को देख सकते हैं , जो नार्वे में क़ुरान पाक की बेहुरमती करने वाले इंसान पर बिना अपनी जान की परवाह किए बिना हमलवार हो गया 

और पूरी दुनिया को ये पैगाम दिया कि मुस्लिम कितना भी कमजोर क्यों न हो लेकिन वो क़ुरआन पाक  इस्लाम की शान में गुस्ताख़ी किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं कर सकता, साथ ही गाज़ी इस्लाम ने रसूलअल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का सच्चा उम्मती होने का सबूत पूरी दुनिया को दिया,

 अभिव्यक्ति की आज़ादी  फ़्री स्पीच जैसे शब्द गढ़कर जो इस्लाम और मुसलमानों की बेइज़्ज़ती की जाती है,

यह दोगलापन है दुनियाँ के ठेकेदारों का जो अमन की बात करते हैं भाईचारे की बात करते हैं एकता और बराबरी की बात करते हैं लेकिन जैसे ही मुसलमान और इस्लाम का नाम आता है लोगों के अंदर सोए हुए कीड़े जाग जाते हैं और इस्लाम मुस्लिम दुश्मनी में अंधे होकर उल जलूल हरकतें करने लगते हैं फिर जब उसका रिएक्शन कोई मुस्लिम की तरफ से होता है तो उसे आतंकवादी दहशत गर्द अमन का दुश्मन इंसानियत का दुश्मन अजीब अजीब ताने देकर बदनाम किया जाता है।

*मुस्लिम शिद्दत पसन्द नहि*

*बल्क़े हक़ पसन्द होते हैं*

*एक्शन का रीएक्शन*

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