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Friday, 5 April 2019

रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का सपना और स्वर्ग नर्क का सैर

रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का सपना और स्वर्ग नर्क का सैर 

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अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़जर की नमाज़ पढ़ कर अपने साथी की ओर आकर्षित हो कर कहते थे कि तुम में से रात को किसी ने कोई सपना तो नहीं देखा, अगर कोई देखता तो आवेदन कर दिया करता था; आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) कुछ स्वप्न फल बता दिया करते थे,
आदत के अनुसार, एक बार सभी से पूछा कि किसी ने कोई सपना देखा है- सभी ने कहा कि किसी ने नहीं देखा - आपने कहा कि मैंने आज रात सपना देखा है कि दो आदमी मेरे पास आए और मुझे अपने हाथ से पकड़ कर पवित्र पृथ्वी की ओर ले  चले-


देखता हूँ कि एक व्यक्ति  बैठा हुआ है और दूसरा खड़ा है और उसके हाथ में लोहे का पंजा है - वह बैठे हुए के क्ले को चीर रहा है, यहां तक ​​कि गद्दी तक जा पहुंचता है। फिर यह दूसरे क्ले के साथ भी यही काम करता है, और फिर वह सही हो जाता है - मैंने पूछा कि यह क्या बात है। वह दोनों बोले आगे चलो,
हम आगे चले यहां तक के ऐक ऐसे व्यक्ति पर गुज़र हुआ जो सोया हुआ है! और उसके सर पर एक आदमी हाथ में एक बड़े पत्थर लिए खड़ा है - यह उसके सिर को बहुत कसकर फोड़ता है - जब वह पत्थर उसके सिर पर दे मारता है पत्थर लुढ़क कर दूर जा गिरता है, जब वह उसके उठाने जाता है तो अब तक लोट कर उसके पास नहीं आने पाता कि उसका सिर अच्छे व्यक्ति की तरह जैसा था वैसा हो जाता है। और फिर उसको इसी तरह फोड़ता है, मैंने पूछा कि यह क्या है - दोनों ने कहा - "आगे चलो"
हम आगे चले, यहां तक कि हम एक गुफा में पहुँचे जो उदाहरण भट्टी की तरह थी और नीचे सेे फैला हुआ और ऊपर से कस। उस में आग जल रही है और इस में बहुत से नंगे पुरुष और महिलाएं भरे हुए हैं, जब आग ऊपर उठती है, उसके साथ वह सब उठ आते हैं, यहां तक के निकलने के वे करीब हो जाते हैं - फिर जिस समय बैठती है वह भी नीचे चले जाते हैं- मैंने पूछा यह क्या है,वह दोनों बोले आगे चलो -


हम आगे चले, यहां तक ​​कि एक खून की नहर पर पहुंचते- एक व्यक्ति इसके बीच खड़ा है और नहर के किनारे पर एक आदमी खड़ा है और उसके सामने कई पत्थर हैं। वह नहर के अंदर वाला व्यक्ति नहर के किनारे आता है, जब वह हिलना चाहता है, तो किनारा वाला आदमी मुँह पर एक ऐसा पत्थर इतना ज़ोर से मारता है कि फिर अपनी जगह जा पहुंचता है- फिर वह जब कभी निकलना चाहता है उसी तरह पत्थर मार कर उस को हटा देता है, मैंने पूछा कि यह क्या है - वह दोनों बोले आगे चलो-

हम आगे चले यहां तक कि एक रसीले बगीचे में पहुँचे- इसमें एक बड़ा पेड़ है और इस के नीचे एक बूढ़ा आदमी है और बहुत से बच्चे बैठे हैं एक और अन्य व्यक्ति पेड़ के पास बैठा है, उसके सामने आग जल रही है, वह उसे झोंक रहा है - फिर वे दोनों हम को पेड़ के ऊपर ले गए, और एक घर पेड़ के बीच में बहुत उत्कृष्ट बन रहा था। इस में ले गए मैंने इस तरह का घर कभी नहीं देखा - इस में मर्द बुजुर्ग (बूढ़े) जवान महिलाएं और बच्चे बहुत से थे- फिर उस से बाहर ला कर और ऊपर ले गए - वहां एक घर पहले घर से उत्कृष्ट था उसमें ले गए - इसमें बूढ़े और युवा थे -



मैंने उन दोनों से कहा कि तुम ने सारी रात घुमाया , अब मुझे बताओ कि ये सारे रहस्य क्या थे -
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को आपने देखा था क्ले चीरे जाते थे, वह एक झूठा था, जो झूठे शब्दों का इस्तेमाल करता था और यह सब बातें पूरी दुनिया में फैल जाती थीं , उस के साथ निर्णय के दिन तक करते रहेंगे । और जिसका सिर फोड़ते हुए देखा वह- वह व्यक्ति है जो अल्लाह ने कुरआन का ज्ञान दिया था। वह रात को उस से लापरवाह हो कर सो रहा और दिन को पालन नहीं क्या- निर्णय के दिन तक यही मामला होगा। आपने आग की गुफ़ा में जो देखा वह व्यभिचारी हैं - और जो लोग खून की नहर में दिखाई दिया वे ब्याज खाने वाला है और पेड़ के नीचे बूढ़ा आदमी हज़रत इब्राहीम (अलैहि स्सलाम) है -
जिस बच्चे ने अपने आस-पास के बच्चे को देखा है वह लोगों के नाबालिग बच्चा है, और जो आग झोंक रहा था वह आग का मालिक दरोगा है - और आपके द्वारा दर्ज किया गया पहला घर, यह सामान्य मुसलमानों का है और दूसरा घर शहीदों का है - और मैं जिबरईल हूं और यह मीकाईल हैं- फिर बोले सिर ऊपर उठाओ -  मैं सिर ऊपर उठाया तो मेरे ऊपर एक सफेद बादल दिखाई दिया- बोले यह तुम्हारा घर है। मैंने कहा, "मुझे छोड़ दो। मैं अपने घर जा रहा हूं। बोले अभी तुम्हारी उम्र बाकी है पूरी नहीं हुई - यदि पूरी हो गए होते, तो अभी चले जाते-

लाभ-

जानना चाहिए कि पैगंबर का सपना रहस्योद्घाटन होता है- ये सभी तथ्य सत्य हैं - इस हदीस से बहुत सी बातें हुई हैं - पहला झूठ जो एक गंभीर सजा है - दूसरी आलिम (विद्वान) बेअमल (निष्क्रिय) का- तीसरा व्यभिचार का- और चौथा ब्याज का - भगवान सभी मुसलमानों को इन चीजों से बचाए-

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